Monday, September 12, 2011

चंद सेकेण्ड में जाने कितने सेहतमंद हैं आप

स्वस्थ इंसान की पहचान क्या है? क्या शरीर से मोटा होना ही अच्छे स्वास्थ्य की पहचान है? स्वास्थ्य दवाओं पर नहीं बल्कि उचित आहार-विहार पर निर्भर होता है। तभी तो आज दुनिया भर में भारतीय योग विज्ञान और आयुर्वेद को आग्रह पूर्वक अपनाया जा रहा है। क्योंकि योग में है हजारों वर्षों के रिसर्च का निचोड़ । योग आपको उत्तम स्वास्थ्य का सुनिश्चित भरोसा दिलाता है, क्योंकि यह रोग के सिम्टम्स को नहीं बल्कि शरीर के सिस्टम को ही दुरुस्त करता है। आयुर्वेद और योग में स्वस्थ इंसान की पहचान करने के निम्र सूत्र दिये हैं। इन सूत्रों के आधार पर आप भी जान सकते हैं कि आपके स्वास्थ्य का स्तर क्या है? तो आइये जाने:-

1. स्वस्थ इंसान को दोनों समय खुलकर भूख लगती है।
2. स्वस्थ इंसान को बिस्तर पर जाते ही जल्दी और गहरी नींद आती है।
3. स्वस्थ व्यक्ति सुबह जागने पर भरपूर ताजगी और स्फूर्ति का अनुभव करता है।
4. स्वस्थ मनुष्य को प्रतिदिन सुबह बिना किसी प्रयास के खुलकर शौच होता है।
5. स्वस्थ मनुष्य में गरमी और ठंड सहने की पर्याप्त क्षमता होती है।
6. स्वस्थ इंसान शारीरिक श्रम करने पर अत्यधिक थकान महसूस नहीं करता है।
                स्वस्थ इंसान की पहचान की इन कसौटियों पर यदि आप खरे नहीं उतरते हैं, तो योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं।(भास्कर डाट कॉम)

Tuesday, June 28, 2011

40 साल में पुरुष होने लगते हैं मनचले

ऐसा अक्सर सुनने में आता है कि उम्र के 40 वर्ष पार कर लेने के बाद पुरुषों का झुकाव विवाहेत्तर संबंधों की ओर अधिक हो जाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि 30 साल की उम्र के बाद पुरुषों में एंड्रोपॉज की शुरुआत हो जाती है। टेस्टोस्टेरोन हार्मोन में हर साल दो से तीन प्रतिशत की कमी आती है और 40 साल की उम्र तक टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बहुत कम हो जाता है। इस दौरान पुरुषों में सेक्स की इच्छा बढ़ जाती है। वे सेक्स के बारे में ज्यादा सोचने लगते हैं। उन्हें लगता है कि वे एक बार फिर पहले से ज्यादा रोमांटिक हो गए हैं।
                       यह वही दौर है जब ज्यादातर पुरुष शादीशुदा होते हुए भी दूसरी महिलाओं से संबंध बनाने के लिए प्रेरित होते हैं। हाल ही में हुए शोध में यह प्रमाणित हो गया है कि पुरुषों को भी महिलाओं की तरह मीनोपॉज होता है। 40 साल की उम्र के बाद पुरुषों में सेक्स हारमोन का विकास कम हो जाता है। पुरुषों के मीनोपॉज को एंड्रोपॉज कहा जाता है। हाल ही में न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में छपी रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि 40 साल की उम्र के बाद पुरुषों को भी होता है एंड्रोपॉज। मेडिकल साइंस में हाइपोगोनाडिज्म कहलाने वाली यह समस्या तब होती है जब अंडकोष से टेस्टोस्टेरोन का पर्याप्त उत्पादन नहीं होता। इस अवस्था में पुरुषों के मिजाज में बदलाव होता है।(स्त्रोत:न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन)

पत्ता गोभी खाओ-चश्मा दूर हटाओ

आधा चम्मच मख्खन (अमूल मख्खन ले सकते हैं), आधा चम्मच पिसी मिश्री और थोड़ी सी पिसी कालीमिर्च, स्वाद के अनुसार मात्र में लेकर तीनों को मिला लें और चाट लें। इसके बाद कच्चे (पानी वाले सफेद) नारियल के 2-3 टुकड़े खूब अच्छी तरह चबाकर खा लें। अब थोड़ी सी सौंफ (मोटी या बारीक वाली) मुंह में डाल लें। इसे आधा घंटे तक मुंह में रखकर चबाते, चूसते रहें, इसके बाद निगल जाएं। प्रतिदिन भोजन के साथ 50 से 100 ग्राम मात्रा में पत्तागोभी के पत्ते बारीक कतर कर, इन पर पिसा हुआ सेंधा नमक और काली मिर्च बुरकर, खूब चबा-चबाकर खाएं। जब गाजर उपलब्ध हो तब प्रतिदिन 1-2 गाजर खूब चबा-चबाकर खाएं या इसका रस निकालकर भोजन के घंटेभर बाद पिएं। अपने आहार में पत्तागोभी, गाजर, आंवला, पके लाल टमाटर, हरा धनिया, सलाद, केला, संतरा, छुहारा, हरी शाक सब्जी, दूध, मख्खन, मलाई, पका आम आदि में से जिस-जिस का सेवन कर सकें तो प्रतिदिन उचित मात्रा में अवश्य सेवन करें।(स्त्रोत:वेबदुनिया.कॉम)